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As a result of the recent high rainfalls and subsequent flooding Melbourne Water is working with emergency services and other relevant agencies to review the impacts to our waterways and assets. 

For flood or storm emergency assistance, contact the VIC SES on 132 500 and for life threatening emergencies call 000. 

You can access current emergency information by calling the VicEmergency Hotline on 1800 226 226 or sign up to receive regular updates regarding flooding via the emergency.vic.gov.au website and app.

चित्र-शीर्षक

मेलबर्न के लोग आज यह जानते हैं कि जल हमारा पोषण करता है, हमें और हमारे पर्यावरण को स्वच्छता एवं जीवन देता है। हम खुशकिस्मत हैं कि हमें यह भरोसा है कि हमें जब भी जरूरत होती है, यह उपलब्ध है, और जब जरूरत नहीं होती तो उसे सुरक्षित रूप से वापस ले लिया जाता है।

लेकिन हमारे जल की आपूर्ति सीमित है और इस तरह हमारे पास उपलब्ध जल हमारा सबसे अमूल्य संसाधन हो जाता है।

हम उस दशक में हैं, जहाँ हमारे जल की माँग का आपूर्ति से कहीं ज्यादा हो जाना मायने रखता है। इसलिए, यह सुनिश्चित करने के लिए कि हमारे पास अभी और भविष्य में पर्याप्त जल उपलब्ध हो, हमें जल-संरक्षण की आवश्यकता है।

इसलिए, मेलबर्न! आइए जल की बात करें! आइए, हम अपने दोस्तों, परिवार और समुदाय के साथ जल पर चर्चा करें। क्योंकि आज इस तरह की महत्वपूर्ण बातचीत यह सुनिश्चित करेगी कि हमारा शहर रहने का एक उत्तम स्थान बना रहेगा; कल भी और आने वाली पीढ़ियों तक!

आइए, हम अपने जल की बुनियादी बातों को जानें ताकि आप मेलबर्न में जल के भविष्य का रूप गढ़ने और उसके संरक्षण में मदद कर सकें।

हमारा जल कहां से आता है?

 

करोड़ों वर्षों से, धरती का पानी पहले से मौजूद है और प्राकृतिक जल-चक्र के माध्यम से आता-जाता रहा है।

उसे भूतल में, समुद्रों, झीलों, हिम, बर्फ़ और पर्यावरण में संगृहीत किया जाता है।

धरती के कुल जल का 1% से भी कम पेयजल के रूप में उपलब्ध है।

हमारी धरती का करीब 97% जल हमारे महासागरों में है जो कि पीने के उपयुक्त नहीं है। हमारी पृथ्वी का ज्यादातर ताजा जल ग्लेशियरों और आइस कैप्स में जमा है।

जनसंख्या वृद्धि, नगरीय विकास और जलवायु-परिवर्तन पूरे विश्व में ताजे जल की गुणवत्ता और मात्रा दोनों को प्रभावित कर रहे हैं।

 अकेले वर्षा से जितना पानी उपलब्ध हो सकता है हम उससे भी अधिक मात्रा में जल का उपयोग कर रहे हैं, इसलिए आज हमारे पास जो पेयजल है वह कल हमारी पहुंच से दूर हो सकता है।

Man watering his vegetable garden with a trigger nozzle hose
आइए, हम पानी का विवेकपूर्ण इस्तेमाल करें, जैसे कि बगीचों की सिंचाई के लिए ट्रिगर नॉज़ल का प्रयोग करना।

वर्षा का ज्यादा भरोसा नहीं किया जा सकता और इससे हमारे पानी की आपूर्ति पर बहुत बड़ा असर पड़ सकता है। सच तो यह है कि सहस्राब्दी की अनावृष्टि (मिलेनियम ड्रॉट) के समय हमने एक ही वर्ष (2006) के दौरान पानी के संग्रह में 20% तक की गिरावट देखी।

जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम ज्यादा गर्म और शुष्क हो जाता है। इससे वर्षा के तरीके में भी बदलाव आ सकता है, यानी जिन जगहों में हमें उसकी जरूरत है वहां कम वर्षा हो सकती है। शुष्क जलवायु वर्षाजल के अवशोषण और हमारे जलाशयों में उनके प्रवाह पर भी दीर्घगामी प्रभाव डालती है।

आप वही पानी उपयोग में ला रहे हैं जो कि आपके पड़ोसी उपयोग में लाते हैं

वर्तमान में, मेलबर्न के 5 मिलियन से भी अधिक निवासी प्रतिदिन हमारे जल-संग्रह पर निर्भर हैं। हर बार जब हम स्नान करने के लिए अपना नल खोलते हैं, अपने बगीचों में पानी डालते या अपनी कारों को धोते हैं तो हम अपने पेयजल की आपूर्ति का दोहन कर रहे होते हैं।

इसलिए, दुनिया में हो रहे परिवर्तन के साथ, हमें उसके अनुरूप ढलना होगा और अपनी जल-आपूर्ति के संरक्षण के लिए नए तौर-तरीके तलाशने होंगे।

मेलबर्न वाटर में हम लोग समर्पित भावना से यह सुनिश्चित करने का कठोर प्रयास कर रहे हैं कि हर किसी को उत्तम एवं अत्यंत विश्वसनीय स्तर का जल प्राप्त हो सके, केवल आज ही नहीं बल्कि कल भी, और आने वाली पीढ़ियों तक इसके लिए हमें यह सब कुछ करना होगा:

  • समस्त उपलब्ध जल का सर्वोत्तम और प्रभावी तरीके से उपयोग
  • जल के वैकल्पिक स्रोतों के बारे में विचार, जैसे: रीसाइकिल किया हुआ जल, भूजल और स्टॉर्म वाटर
  • हमारे स्टोरेज़ में पानी का अतिरिक्त भंडार तैयार करने और बनाए रखने में मदद देने के लिए विलवणीकरण संयंत्र का उपयोग करते रहना।

हमारा पानी कहां जाता है?

मेलबर्न में हमारी जीवन-पद्धति के लिए एक भरोसेमंद मलजल निकास प्रणाली (सीवरेज़ सिस्टम) का होना अनिवार्य है, इससे हमारे शहर को रहने का एक उत्तम स्थान बनाने में मदद मिलती है। इस प्रणाली से हमारे अमूल्य पेयजल पर से दबाव कम करने के लिए मलजल के शोधन और रीसाइकिल की सुविधा भी मिलती है।

Woman washing vegetables uses a container to collect water in her kitchen sink
हम नालियों में जाने वाले अपने घर के पानी के प्रति सतर्कता बरत सकते हैं और अपने पौधों की सिंचाई हेतु फिर से उपयोग के लिए उन्हें इकट्ठा कर सकते हैं।

मलजल करीब 98% पानी है।

शौचालय या नाली से पानी को बहा देने के बाद उसे भुला देना आसान है। उसी पानी को मलजल (सीवेज़) कहते हैं।

और चूंकि इस मलजल में नाली से बहने वाली वह हर चीज शामिल है जिसे आप बरतन धोने, नहाने, धुलाई इत्यादि करने और शौचालय को फ्लश करते समय बहा देते हैं, यह लगभग 98% पानी होता है!

मलजल को रीसाइकिल किया जा सकता है।

पानी की उच्च मात्रा के कारण, हम मलजल को रीसाइकल्ड पानी में बदल सकते हैं।

मेलबर्न में जरूरी नहीं कि सारा पानी पेयजल ही हो, इसलिए हम रीसाइकल्ड पानी का उपयोग पार्कों, खेल के मैदानों और बगीचों की सिंचाई के लिए कर

सकते हैं। इससे हमारी बहुमूल्य पेयजल आपूर्तियों पर से दबाव कम करने में सहायता मिलती है।

 

अपने आस-पास के पानी के बारे में विचार करें...

स्टॉर्म वाटर और वर्षाजल का रुख घरों से नदियों और उपनदियों की ओर मोड़कर, हमारी स्टॉर्म वाटर प्रणाली मेलबर्न को बाढ़ से सुरक्षित रखना सुनिश्चित करती है। लेकिन स्टॉर्म वाटर के साथ कचरे और प्रदूषक तत्व भी शामिल होते हैं। अपने जल-प्रवाह मार्गों और वन्य जीवन के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए हम सबको अपनी भूमिका और जिम्मेदारी निभानी होगी।
हमारी सड़कों की नालियां कहां जाकर मिलती हैं?

friends having bbq by yarra river
आइए, जल की बात करें! इस तरह की महत्वपूर्ण बातचीत मेलबर्न के जल के भविष्य की रक्षा करेगी।

स्टॉर्म वाटर की पाइपों से सड़कों, छतों और अन्य पक्की सतहों पर बहने वाला पानी जाता है। इस पानी के साथ कचरे और प्रदूषक तत्व भी शामिल होते हैं जो स्थानीय नदियों, उपनदियों और अंत में खाड़ी में पहुंचते हैं।
मलजल (सीवेज़) से भिन्न, स्टॉर्म वाटर का अक्सर परिशोधन नहीं किया जाता और इस प्रकार यह पर्यावरण के लिए हानिकारक होता है। इससे हमारे वन्य प्राणियों, पक्षियों और हमारे जलमार्गों में निवास करने वाले प्लैटीपसों पर प्रभाव पड़ता है।
हमारी प्रतिष्ठित नदियां और उपनदियां मेलबर्न के प्राकृतिक भू-परिदृश्य के जीवन-रक्त हैं और वे हमारे जीवन को मनोरम बनाने के अभिन्न अंग हैं। अपनी नदियों और उपनदियों को साफ और स्वस्थ बनाए रखने की जिम्मेदारी हम सब पर है।

 

 

 

 

Last updated:
29 March 2022